एक अभिनव शुरुआत

अधिक कृषि उत्पाद के लिए

 हिंदी में कहावत है "जान है तो जहान है" दोस्तों आज जीवन की वास्तविकता और इस कहावत में बहुत बड़ा फ़र्क नज़र आ रहा है |

खेती में रासायनिक खादों का इस्तेमाल सन १९६८ से प्रारंभ हुआ | जैसे-जैसे खादों का इस्तेमाल बढ़ता गया जान जोखिम में पड़ती गई | सन १९६८ से पहले महामारी की घटना छोड़ दी जाए तो हमारे यहाँ बीमारियों का प्रमाण बहुत कम था | डायबिटीज, ब्लड प्रेशर,हार्ट अटैक तथा कॅन्सर जैसी बीमारियों के नाम भी लोगों ने नहीं सुने थे | आज यह बीमारियाँ जनरल हो गई हैं | लगता है कि इंसान ने अपनी जिंदगी की चिंता करना छोड़ दिया है |

फसलें इंसान का भोजन है,और हम फसलों पर जहरीली दवाइयों का छिड़काव करते हैं | यह दवाइयाँ इतनी जहरीली होती हैं कि हमारे किसान भाई आत्महत्या करने के लिए जहर ढूंढने नहीं जाते | यह दवाइयाँ फसलों के माध्यम से हमारे शरीर में जाती हैं |

पहले हमारी फसलों को मिट्टी में उपलब्ध सभी प्रकार के खनिज भोजन स्वरूप मिलते थे | अब हमारी फसलें "NPK" खा रही है, अर्थात पहले हमारे भोजन में सभी प्रकार के घटक होते थे, अब हम सिर्फ "NPK"  खा रहे है | विविध घटकों का अभाव हमारे शरीर में बीमारियाँ  तैयार करता है, घटकों का कुपोषण मतलब बीमारी के लक्षण | केल्शियम तत्व का अभाव,लोह तत्व का अभाव, विटामिन A , बी-१२, बी-२, बी -६  जैसे घटक जब हमें भोजन के माध्यम से उपलब्ध नहीं होते, उस घटक से सम्बंधित बीमारी उत्पन्न होती है | डाक्टर हमें एलोपेथी की टैबलेट या इंजेक्शन के द्वारा उन घटकों की पूर्तता कराते हैं |

हमारी कंपनी ने सभी प्रकार की फसलों तथा इंसानों को आरोग्य संपन्न बनाने का निर्णय लिया है| हमारा उत्पाद मल्टीप्लायर इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी  को पूरा करने में पूर्णरूपेण सक्षम है | प्रकृति ने फसलों का सम्पूर्ण भोजन मिट्टी में खनिज के रूप में दिया है | मल्टीप्लायर मिट्टी से फसलों को सम्पूर्ण भोजन दिलाता है परिणाम स्वरूप फसलों को पूरा भोजन मिलने से फसलों का उत्पादन ज्यादा आता है तथा फसलों पर कीड़ और रोगों का अटैक नहीं होता | उसी प्रकार इंसान को फसलों के द्वारा सभी घटकों का भोजन मिलने से वह भी बीमारियों से मुक्त रहते हैं |

मल्टीप्लायर के साथ खेती मतलब जुने ज़माने में कार्यरत टेलीफोन का डब्बा और आज के आधुनिक युग का मोबाईल फोन,दोनों की कार्य प्रणाली में जितना फ़र्क है,उतना ही फ़र्क आज की खेती प्रणाली तथा मल्टीप्लायर के साथ होनेवाली खेती में है |

कोई भी अनुसन्धान जो समय की बचत करता हो,श्रम की बचत करता हो,पैसे की बचत करता हो,फायदा करता हो तथा कार्य प्रणाली आसान करता हो,उसका इस्तेमाल किसी को सिखाना नहीं पड़ता,जैसे मोबाईल का इस्तेमाल किसी को सिखाना नहीं पड़ा | इसी तरह मल्टीप्लायर के इस्तेमाल के बारे में किसी को सिखाना या आग्रह नहीं करना पड़ेगा,जैसे-जैसे कानोकान जानकारी मिलेगी लोग मल्टीप्लायर को ढूंढ निकालेंगे और इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे | अल्प समय में मल्टीप्लायर ने किसान भाइयों के दिल में जगह बनाई है | मल्टीप्लायर अपनी विजय के झंडे गाड़ता हुआ आगे-आगे बढ़ता जा रहा है |

जिस प्रकार आज हर हाथ में मोबाईल दिखता है, उसी तरह आनेवाले भविष्य में जितनी भी खेती होगी वह मल्टीप्लायर के साथ होगी | कोई भी किसान भाई ना जहरीली दवाइयाँ खरीदेगा ना खेत में डालेगा | ना रासायनिक खाद खरीदेगा ना खेत में डालेगा | अब खुशहाल होगा किसान तथा आरोग्य संपन्न होगा इंसान |